शनिवार, 7 नवंबर 2009

my art


मे अपनी कला को दुनीया तक लाना चाहता हुं
जो सब से छोटी सुई जिसे तरपाई वालि सुइ कहेते हे या बटन लगाने के काम मे आति हे उस सुइ कि आंख मे जहा धागा पिरोया जाता हे उस मे मेने तीरंगा झंडा बनाया हे जिस मे तिनो रंग हे संतरि स्फ़ेद हरा ओर काला चिन जो अशोका चक्र दिरसाता हे इस सुई का साईज एक इंच चार पोईंट हे इस का फ़ोटो नही हो रहा भारत मे लोगो ने कहा भुल जा ईस काम को पर मेने शात साल ल्गा दिये इस कला को पाने मे ये मेरा भविस्ये हे मेने बहुत प्रीयास कीआ मगर किसी ने इस कला का स्नमान नही किआ मे जिला अधिकारी से मिल्ने दो बार गया पर वो मिले नही आखीर उंका असिस्टेंट मिला जिस्ने मुजे कहा कया हुआ अग्र सुइ मे तिरंगा झंडा बनालीया हमारे पास रोज पांच शो लोग आते हे इस सुई को केसे देखे मेने कहा माईकरो स्कोप कि मदत से उंहोने कहा तुजे मालुम हे माईकरो स्कोप किस्ने बनाई थि? मे नही सर मे ईतना पडा नही ?
जिस्ने माईकरो स्कोप बनाई थी उसे फ़ासी दे दी थी,।
'अब आप से मुजे मदत चाहिए मुजे इस क्ला को सायद भुल्ना होगा,
भारत मे इस का मुल नही हे कोइ जानता ही नही इस लिए मे आप को जेसा फ़टो ले पाया वेसा भेज रहा हुं,, ओर उस आदमी कि कुछ जानकारी जिस से मुजे प्रेना मिली ,ये जान कारि मेने गुगल से लि हे जिसे ईकठा कर्ने मे मुजे चार शाल हो चुके हे, ये जानकारी इस लिए कि के कोई इस कला की कद्र करे जो आज नही कर पाया ओर जो लनदन मे अरबो का मालिक बन गया विलार्ड विग्ग्न नाम हे उस का आप भि देखे।
ये उन कि वेबसाईट हे
http://www.willard-wigan.com/

http://www.maniacworld.com/art-in-the-eye-of-a-needle.html



मेरा नाम अशवन कुमार
रामामंडी जिला भठिंडा पुंजाब से
फोन ;-+919872211168
धनयवाद

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